मध्यप्रदेश दुर्लभ तथ्य
धार जिला
• जनसंख्या – 21, 85, 753 व्यक्ति
• साक्षरताधार जिला
• जनसंख्या – 21, 85, 753 व्यक्ति
• साक्षरता – 59 प्रतिशत
• जनसंख्या घनत्व – 285 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
• जिले का क्षेत्रफल – 8153 वर्ग किलोमीटर
• ज्ञानदूत परियोजना की शुरूआत यहीं से हुई है।
• यह परमार वंश की राजधानी (राजा भोज)
• सरदारपुर अभ्यारण्य में खरमौरों का संरक्षण किया जाता है।
• मांडू को सिटी ऑफ जॉय कहा जाता है। व पीथमपुर को मध्यप्रदेश का डेट्रायट कहा जाता है।
• सर्वाधिक जनजाति वाला जिल है।
• राजा भोज निर्मित भोजशाला (सरस्वती का मंदिर) यहीं पर है।
• पीथमपुर में निर्यात संवर्धन पार्क है। इसे भारत का डेट्रायट भी कहा जाता है।
• यहां पर राणा बख्ताबर सिंह का स्मारक स्थित है।
• चतुर्भुज मंदिर अमझेरा में है। राजा बख्तावर सिंह यहीं के थे।
• कपड़ों में बाघ प्रिंट के लिए प्रसिद्ध जिला है।
• धार का किला (मुहम्मद बिन तुगलक) मांडू के महल, हुशंगशाह का मकबरा एवं बाघ की गुफाएं दर्शनीय है।
• डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किया गया।
• जनसंख्या घनत्व – 285 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
• जिले का क्षेत्रफल – 8153 वर्ग किलोमीटर
• ज्ञानदूत परियोजना की शुरूआत यहीं से हुई है।
• यह परमार वंश की राजधानी (राजा भोज)
• सरदारपुर अभ्यारण्य में खरमौरों का संरक्षण किया जाता है।
• मांडू को सिटी ऑफ जॉय कहा जाता है। व पीथमपुर को मध्यप्रदेश का डेट्रायट कहा जाता है।
• सर्वाधिक जनजाति वाला जिल है।
• राजा भोज निर्मित भोजशाला (सरस्वती का मंदिर) यहीं पर है।
• पीथमपुर में निर्यात संवर्धन पार्क है। इसे भारत का डेट्रायट भी कहा जाता है।
• यहां पर राणा बख्ताबर सिंह का स्मारक स्थित है।
• चतुर्भुज मंदिर अमझेरा में है। राजा बख्तावर सिंह यहीं के थे।
• कपड़ों में बाघ प्रिंट के लिए प्रसिद्ध जिला है।
• धार का किला (मुहम्मद बिन तुगलक) मांडू के महल, हुशंगशाह का मकबरा एवं बाघ की गुफाएं दर्शनीय है।
• डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किया गया।
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