जगदीप धनखड़
धनखड़ का जन्म -18 मई 1951 को राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले के एक छोटे से गाँव 'किठाना' में हुआथा
उनकी प्राथमिक शिक्षा किठाना गांव के स्कूल में हुई। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ से पूरी की और फिर राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
साल 1978 में उन्होंने जयपुर विश्वविद्यालय में एलएलबी कोर्स में एडमिशन लिया |
कानून की डिग्री लेने के लेने बाद जगदीप धनखड़ ने वकालत शुरू कर दी और साल 1990 में जगदीप धनखड़ को राजस्थान हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट का ओहदा दिया गया
. जगदीप धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश के कई हाईकोर्टों में वकालत की प्रैक्टिस की. साल 1988 तक देश में प्रतिष्ठित वकीलों में शुमार हो गए |
वह 1989-91 के दौरान राजस्थान में झुंझुनू (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से 9वीं लोकसभा में जनता दल का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य थे।
वह 1993-98 के दौरान 10वीं विधान सभा राजस्थान में किशनगढ़, राजस्थान से विधान सभा के पूर्व सदस्य और राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, जयपुर के पूर्व अध्यक्ष भी रहे।
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक करियर करीब 30 सालों का है |
वह चंद्रशेखर की सरकार में संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं |
20 जुलाई 2019 को उनको पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया |
वह 1989-91 के दौरान राजस्थान में झुंझुनू (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से 9वीं लोकसभा में जनता दल का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य थे।
वह 1993-98 के दौरान 10वीं विधान सभा राजस्थान में किशनगढ़, राजस्थान से विधान सभा के पूर्व सदस्य और राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, जयपुर के पूर्व अध्यक्ष भी रहे।
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक करियर करीब 30 सालों का है | वह चंद्रशेखर की सरकार में संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं | लोकसभा हो या विधानसभा वह जिस सदन के भी सदस्य रहे उसकी अहम समितियों में शामिल रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान में जाट बिरादरी को आरक्षण दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई है. 20 जुलाई 2019 को उनको पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया |
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